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23 Feb 2012 (Thu)
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भारत सरकार ने मार्च २००५ में राज्यव्यापी क्षेत्र नेटवर्क स्थापित करने के लिए २९ राज्यों और ६ संघ राज्यों के लिए ३३३४ करोड़ रूपये की अनुमानित लागत पर स्वॉन परियोजना का अनुमोदन दिया । इस परियोजना के द्वारा राज्य के मुख्यालय को जिले के मुख्यालय के साथ ४ Mbps एवं जिला मुख्यालय को विकास खण्ड /तहसील स्तर तक २ Mbps के लिंक पर नेटवर्किग के माध्यम से जोड़ा जाएगा जिसमें एक ही नेटवर्क द्वारा (Voice, data & Video) इंटरनेट एवं विडियो कांफ्रेसिंग की सुविधायें उपलब्ध करायी जायेगीं। इस योजना का उद्देश्य सुरक्षित सीमित प्रयोक्ता ग्रुप (सी०यू०जी०) सरकारी नेटवर्क बनाना है, जिसके द्वारा जी२सी एवं जी२जी सेवायें उपलब्ध करायी जा सके । इस परियोजना की अवधि ५ वर्ष है । परियोजना कार्यान्वयन चरण में (सशक्त समिति द्वारा व्यक्तिगत परियोजना के अनुमोदन के बाद) व्यवहार्यता अध्ययन, प्रस्ताव बनाना, स्थल का निर्माण, बैंड विद्थ प्रदाता चयन, नेटवर्क परिचालक चयन, नेटवर्क कार्यान्वयन, स्वीकृति परीक्षण और अगल पॉच वर्षो के लिए नेटवर्क का संचालन सम्मिलित है ।
यह परियोजना ६० प्रतिशत केन्द्र पोषित एवं ४० प्रतिशत राज्य पोषित है । राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का समुचित लाभ समस्त विभागों और उनकी क्षेत्रीय ईकाइयों को उपलब्ध कराने के उद्देशय से राज्य क्षेत्रीय विस्तार नेटवर्किग स्थापित किया जा रहा है । इस संबंध में सभी जनपदों को ब्लाक स्तर तक १३५ पी०ओ०पी की स्थापना हेतु आवश्यक धनराशि अवमुक्त कर दी गई है ।
इस परियोजना को एन आई सी उत्तराखण्ड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। दिनांक १६ जून २००९ को राज्य सरकार एवं भारत संचार निगम लिमिटेड देहरादून परिक्षेत्र के मध्य आवश्यक बैंडविद्थ की उपलब्धता के लिये अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया ।
जिन पॉपस पर कनैक्टीीविटी की स्थिरती ठीक नही है उन पॉपस को एन0आई0सी0 द्वारा चििन्हनत कर लिया गया है। तहसील मुख्या लय से ब्लॉनक मुख्याललय स्त र तक विडियों कांन्फेिन्सिंपग की सुविधा स्थागपित की जा चुकी है।