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23 Feb 2012 (Thu)
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राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवायें सरलता पूर्वक उपलब्ध कराने, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी का सफल उपयोग सुनिश्चित करने तथा समाज के विभिन्न अवयवों को उनकी आवश्यकता अनुसार सूचना सुलभ कराने के लिए उच्चस्तरीय निर्णय के अन्तर्गत शासन स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का गठन उत्तराखण्ड निर्माण के उपरान्त किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गतिविधियों हेतु प्रथम वार्षिक योजना २००२-०३ दसवीं पंचवर्षीय योजना (२००२-०७) के प्रथम वर्ष में तैयार कर कार्यान्वित की गयी। वर्ष २००२-०३ के उपरान्त प्रत्येक वर्ष विभागीय वार्षिक योजना तैयार की जाती रही है। इस प्रकार विगत वर्षों के दौरान विभिन्न योजनाओं को राज्य में सफलता पूर्वक लागू किया है, जिससे कतिपय विभागों की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व सुधार सम्भव हो सका है अथवा शासकीय कार्य के निष्पादन में गति आयी है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि शासन ने शिक्षा के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग करने में अविश्वसनीय सफलता प्राप्त की है।
केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय ई-शासन योजना को राज्य में भी क्रियान्वित किया जा रहा है । सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विभिन्न अवस्थापना एवं कम्प्यूटरीकृत कार्य प्रणाली की परियोजनायें यथा राज्यव्यापी नेटवर्क (स्वॉन), स्टेट डाटा सेन्टर, ई-डिस्ट्रिक्ट, सामान्य सेवा केन्द्र भी राज्य में लागू की गई हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राज्य को प्राप्त सफलता के कारण ही आज सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की विश्वस्तरीय कम्पनियॉं और संस्थायें राज्य में निवेश करने हेतु आकर्षित हुई हैं। इस सफलता से राज्य के नवयुवकों को रोजगार के नवीन साधन उपलब्ध हो सके हैं।
भारत सरकार, राज्य सरकार एवं अन्य वाह्य एजेंसियों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विकास से सम्बन्धित निर्देशित परियोजनाओं के क्रियान्वयन से सम्बन्धित परामर्श एवं सहायता हेतु एक सोसाईटी -उत्तरांचल ई-गवर्नेन्स इनिसिएटिव्स प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट'' का गठन किया गया था।